24 February 2016

न्याय से संबंधित

सम्पत्ति अन्तरण अधिनिय किसका अन्तरण नहीं किया जा सकता है?
(a) विक्रय इकरारनामा (Agreement to sell) के आधार पर केवल दावा करने का अधिकार
(b) अवशेष किराया प्राप्ति का अधिकार (c) डिक्री धन की वसूली का अधिकार (d) वसीयत द्वारा भविष्य ​निधि राशि प्राप्ति अधिकार
Ans : a
विचाराधीन वाद के सिद्धान्त की प्रयोज्यता हेतु सम्पत्ति होगी–
(a) चल (Movable) (b) अचल (Immovable) (c) चल व अचल दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
Ans : b
संविदा के भागिक पालन के मामले में निम्नलिखित में से कौनसा घटक अनिवार्य नहीं है?
(a) अचल सम्पत्ति के अंतरण का करार (b) करार लिखित में हो जिस पर अन्तरक या उसकी ओर से किसी के हस्ताक्षर हों
(c) अंतरि​ती (Transferee) का सम्पत्ति पर कब्जा हो (d) अंतरिती ने पूर्ण प्रतिफल अदा कर दिया हो
Ans : d
जब बन्धककर्ता बंधक सम्पत्ति का कब्जा बंधकदार को यह अधिकृत करते हुए देता है कि वह सम्पत्ति पर कब्जा बंधक धन की अदायगी तक रखेगा और सम्पत्ति का किराया व लाभ प्राप्त करेगा. ऐसे बंधक को कहा जाता है–
(a) भोगबन्धक (Usufructuary mortgage) (b) साधारण बन्धक (Simple mortgage)
(c) विलक्षण बन्धक (Anomalous mortgage) (d) अंग्रेजी बन्धक (English Mortgage)
Ans : a
एक अचल सम्पत्ति के पट्टे की भाड़ेदारी मासिक है, तो ऐसी भाड़ेदारी की समाप्ति के लिए लिखित में कितनी अवधि की सूचना देनी होगी?
(a) एम माह (b) दो माह (c) छ: माह (d) पन्द्रह दिन
Ans : d
सिवि​ल प्रक्रिया संहिता, 1908 न्यायाधीन के सिद्धान्त के अन्तर्गत निम्नलिखित में से कौनसी शर्त पश्चात्वर्ती वाद के स्थगन के लिए आवश्यक नहीं है?
(a) यह कि वाद की विवादित विषय-वस्तु प्रत्यक्ष: और सारत: प्रथम वाद में विवाद्य के समान है
(b) यह कि दूसरे वाद में पक्षकार समान हैं
(c) यह कि जिस न्यायालय में पश्चात्वर्ती वाद प्रस्तुत हुआ है. वह ऐसे वाद में अनुतोष (Relief) देने में सक्षम है
(d) यह कि पूर्व वाद विदेशी न्यायालय में लम्बित है
Ans : d
यह कि अन्तराभिवाची (Interpleader) वाद एक वाद है–
(a) दो अधिवक्ताओं के मध्य   (b) संघ सरकार के अधिवक्ता एवं राज्य सरकार के अधिवक्ता के मध्य
(c) ऐसे व्यक्ति द्वारा संस्थित वाद जो वाद की विषय-वस्तु में स्वयं कोई हित न रखता हो (d) ऐसे व्यक्ति द्वारा संस्थित वाद जो विषय-वस्तु (Subject matter) में स्वयं हित रखता हो
Ans : c
वैकल्पिक विवाद समाधान के अन्तर्गत निम्नलिखित में से किसका समाधान नहीं हो सकता है?
(a) ऐसा सिविल वाद जिसकी विषय-वस्तु अचल सम्पत्ति हो (b) राशि की वसूली के लिए लाया गया सिविल वाद
(c) हिन्दू विवाह अधिनियम के अन्तर्गत लाया गया सिविल वाद (d) अशमनीय प्रकृति (Non-compoundable nature) की दाण्डिक प्रकरण
Ans : d
जहाँ वाद पत्र दो प्रतियों में फाइल नहीं किया गया हो तब न्यायालय ऐसे वाद पत्र को–
(a) लौटा सकेगा (b) नामन्जूर कर सकेगा (c) खारिज कर सकेगा (d) मन्जूर कर सकेगा
Ans : b
निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में आदेश 26 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कमीशन जारी नहीं किया जा सकता?
(a) साक्षियों की परीक्षा के लिए (b) स्थानीय अन्वेषणों के लिए
(c) वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए (d) रिसीवर की नियुक्ति के लिए
Ans : d
राज्य सरकार के विरुद्ध लाए गए वाद में सरकार की तरफ से कौन वाद पत्र पर हस्ताक्षर कर सकेगा?
(a) राज्य का राज्यपाल (b) राज्य का मुख्यमंत्री
(c) राज्य का मुख्य सचिव (d) ऐसा व्यक्ति जो सरकार द्वारा विशेष अथवा सामान्य आदेश के द्वारा नियु​क्त किया गया हो
Ans : c
धन के संदाय की डिक्री के निष्पादन में निर्णीत ऋणी को सिविल कारागार में निरुद्ध करने के लिए कोई आदेश नहीं दिया जाएगा जहाँ डिक्री की कुल रकम अग्रलिखित से अधिक नहीं है–
(a) पाँच सौ रुपए (b) एक हजार रुपए (c) दो हजार रुपए (d) पाँच हजार रुपए
Ans : c
न्यायालय अस्थायी व्यादेश (Temporary injunction) जारी नहीं करेगा–
(a) जहाँ वाद में विवादग्रस्त किसी सम्पत्ति के बारे में यह खतरा है कि वाद का कोई भी पक्षकार उसका दुर्व्ययन करेगा, नुकसान पहुँचाएगा या अन्य संक्रान्त करेगा
(b) जहाँ वादी को प्रतिपूर्ति धन से हो सकती है
(c) जहाँ प्रतिवादी अपने लेनदारों को कपटवंचित (Defrauding his creditors) करने की दृष्टि से अपनी सम्पत्ति को हटाने या व्ययनित करने की धमकी देता है
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans : b

No comments:

Recent post

ભારતનું બંધારણ Question & Answer

નમસ્તે